Jesus Christ is The Sacrifice for all my Sins.. (येशु मसीह मेरे सब पापो का बलिदान..)



Jesus Christ is The Sacrifice for all my Sins..



"HE Himself bore our sins” in HIS body on the cross, so that we might die to sins and live for righteousness; “by HIS wounds you have been healed.” -1 Peter 2:24, Holy Bible.

He was despised and rejected by mankind, a man of suffering, and familiar with pain. Like one from whom people hide their faces he was despised, and we held him in low esteem. Surely he took up our pain and bore our suffering, yet we considered him punished by God, stricken by him, and afflicted. But he was pierced for our transgressions, he was crushed for our iniquities; the punishment that brought us peace was on him, and by his wounds we are healed. We all, like sheep, have gone astray, each of us has turned to our own way; and the Lord has laid on him the iniquity of us all. He was oppressed and afflicted, yet he did not open his mouth; he was led like a lamb to the slaughter, and as a sheep before its shearers is silent, so he did not open his mouth. By oppression and judgment he was taken away. Yet who of his generation protested? For he was cut off from the land of the living; for the transgression of my people he was punished. He was assigned a grave with the wicked, and with the rich in his death, though he had done no violence, nor was any deceit in his mouth. Yet it was the Lord’s will to crush him and cause him to suffer, and though the Lord makes his life an offering for sin, he will see his offspring and prolong his days, and the will of the Lord will prosper in his hand. After he has suffered, he will see the light of life and be satisfied; by his knowledge my righteous servant will justify many, and he will bear their iniquities. Therefore I will give him a portion among the great, and he will divide the spoils with the strong, because he poured out his life unto death, and was numbered with the transgressors. For he bore the sin of many, and made intercession for the transgressors.- Isaiah 53:3-12, Holy Bible. May God Bless His Living Word and God Bless You. Amen!


Hindi Translation

येशु मसीह मेरे सब पापो का बलिदान..


वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर करके धार्मिकता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए। ” - 1 पतरस 2:24, पवित्र बाईबल.

वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरूष था, रोग से उसकी जान पहिचान थी; और लोग उस से मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हम ने उसका मूल्य जाना।

निश्चय उस ने हमारे रोगों को सह लिया और हमारे ही दु:खों को उठा लिया; तौभी हम ने उसे परमेश्वर का मारा- कूटा और दुर्दशा में पड़ा हुआ समझा।

परन्तु वह हमारे ही अपराधो के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं।

हम तो सब के सब भेड़ों की नाईं भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया।।

वह सताया गया, तौभी वह सहता रहा और अपना मुंह खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय वा भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उस ने भी अपना मुंह खोला।

अत्याचार करके और दोष लगाकर वे उसे ले गए; उस समय के लोगों में से किस ने इस पर ध्यान दिया कि वह जीवतों के बीच में से उठा लिया गया? मेरे ही लोगों के अपराधों के कारण उस पर मार पड़ी।

और उसकी कब्र भी दुष्टों के संग ठहराई गई, और मृत्यु के समय वह धनवान का संगी हुआ, यद्यपि उस ने किसी प्रकार का अपद्रव किया था और उसके मुंह से कभी छल की बात नहीं निकली थी।

तौभी यहोवा को यही भया कि उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया; जब तू उसका प्राण दोषबलि करे, तब वह अपना वंश देखने पाएगा, वह बहुत दिन जीवित रहेगा; उसके हाथ से यहोवा की इच्छा पूरी हो जाएगी।

वह अपने प्राणों का दु: उठाकर उसे देखेगा और तृप्त होगा; अपने ज्ञान के द्वारा मेरा धर्मी दास बहुतेरों को धर्मी ठहराएगा; और उनके अधर्म के कामों का बोझ आप उठा लेगा।

इस कारण मैं उसे महान लोगों के संग भाग दूंगा, और, वह सामर्थियों के संग लूट बांट लेगा; क्योंकि उसने अपना प्राण मृत्यु के लिये उण्डेल दिया, वह अपराधियों के संग गिना गया; तौभी उस ने बहुतों के पाप का बोझ उठ लिया, और, अपराधियों के लिये बिनती करता है।

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यशायाह 53:3-12, पवित्र बाईबल.

परमेश्वर अपने जीवित वचन पर और आपको आशीष दें आमीन |