सत्य का आत्मा - The Peacemaker


दोस्तों परमेश्वर का वचन यहुन्ना 14:15-17 में हमे बताता है की यदि हम परमेश्वर से प्रेम रखते हैं तो हम उसकी आज्ञाओ को मानेंगे और जब हम उसकी आज्ञा अनुसार चलते हैं तो येशु मसीह जो की अपने पिता के दाहिने बैठे हैं अपने पिता से हमारे लिए अनुरोध करते हैं की वह हमें सत्य का आत्मा यानि पवित्र आत्मा का दान दें जो की हमारा सहायक होगा और हमें वो सब बातें सिखाएगा, परमेश्वर की आज्ञाओं को मानना सिखाएगा और सत्य, जीवन और मार्ग से अवगत कराएगा और परमेश्वर के उस मार्ग पर कैसे चलना है सिखाएगा और हमारी प्रार्थना करने में सहयता करेगा क्यूंकि जब हमारे पास उन बातों और भावनाओ के लिए शब्द नहीं रहते जिन्हें हमारी ज़बान नहीं बयां कर सकती तब हम आत्मा में होकर प्रार्थना करते हैं


यदि तुम मुझ से प्रेम रखते हो, तो मेरी आज्ञाओं को मानोगे। और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। अर्थात् सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह उसे देखता है और उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा। - यूहन्ना 14:15-17

इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है। और मनों का जांचनेवाला जानता है, कि आत्मा की मनसा क्या है? क्योंकि वह पवित्रा लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है। - रोमियो 8:26-27

दोस्तों सत्य का आत्मा हमारी सहायता करता है कि हम प्रभु में बने रहे और प्रभु हम में बना रहे...

और तुम्हारा वह अभिषेक, जो उस की ओर से किया गया, तुम में बना रहता है; और तुम्हें इस का प्रयोजन नही, कि कोई तुम्हें सिखाए, बरन जैसे वह अभिषेक जो उस की ओर से किया गया तुम्हें सब बातें सिखाता है, और यह सच्चा है, और झूठा नहीं: और जैसा उस ने तुम्हें सिखाया है वैसे ही तुम उस में बने रहते हो। - 1 यूहन्ना 2:27

और वह सत्य का आत्मा स्वेम गवाही भी देता है कि येशु ही प्रभु है

परन्तु जब वह सहायक आएगा, जिसे मैं तुम्हारे पास भेजूंगा, अर्थात् सत्य का आत्मा जो पिता की ओर से निकलता है, तो वह मेरी गवाही देगा। - यूहन्ना 15:26

यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। यूहन्ना 14:6

और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें। - प्रेरितों के काम 4:12

दोस्तों परमेश्वर के प्रेम में बने रहे, उसकी आज्ञाओ को मानें और उसके आज्ञा अनुसार चलें भी और परमेश्वर से सत्य का आत्मा का दान मांगें

और इन सभी बातो के लिए ज़रूरी है कि हम परमेश्वर के वचन को पढ़ें भी क्यूंकि इसी से हम उसकी आज्ञाओं को जान सकते हैं और तब ही हमें पवित्र आत्मा यानि सत्य का आत्मा का दान प्राप्त हो सकता है।

आप सब के जीवन में परमेश्वर पिता का प्रेम, शांति जो कि समझ से परे है आशीष और पवित्र आत्मा का अभिषेक हमेशा बना रहे आमीन

आप सबको जय येशु की


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